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रविवार, 5 जुलाई 2020

भारत की राजधानी - नई दिल्ली





भारत की राजधानी - नई दिल्ली

भारत की राजधानी नई दिल्ली  है। यह भारत सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के केंद्र के रूप में कार्य करती है। नई दिल्ली दिल्ली महानगर के भीतर स्थित है, और यह दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र के ग्यारह ज़िलों में से एक है। भारत पर अंग्रेज शासनकाल के दौरान सन् 1911 में भारत की राजधानी कोलकाता से बदलकर दिल्ली कर दिया गया  दिल्ली की सीमा उत्तर, पश्चिम, और दक्षिण में हरियाणा तथा पूर्व में उत्तर प्रदेश से घिरा हुआ है 
वर्ष 2011 में दिल्ली महानगर की जनसंख्या 22 लाख थी। दिल्ली की जनसंख्या इसे दुनिया में पाँचवीं सबसे अधिक आबादी वाला, और भारत का सबसे बड़ा महानगर बनाती है। क्षेत्रफल के अनुसार से भी, दिल्ली दुनिया के बड़े महानगरों में से एक है। मुम्बई के बाद, वह देश का दूसरा सबसे अमीर शहर है, और दिल्ली का सकल घरेलू उत्पाद दक्षिणपश्चिम और मध्य एशिया के शहरों में दूसरे नम्बर पर आता है। नई दिल्ली अपनी चौड़ी सड़कों, वृक्ष-अच्छादित मार्गों और देश के कई शीर्ष संस्थानो और स्थलचिह्नों के लिए जानी जाती है। बोलचाल की भाषा में हालाँकि दिल्ली और नयी दिल्ली यह दोनों नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अधिकार क्षेत्र को संदर्भित करने के लिए प्रयोग किये जाते हैं, मगर यह दो अलग-अलग संस्था हैं और नयी दिल्ली, दिल्ली महानगर का छोटा सा हिस्सा है।

नई दिल्ली का इतिहास - 12 दिसंबर 1911 कोदिल्ली दरबार के दौरान, कोरोनेशन पार्क, किंग्सवे कैम्प (अब गुरूतेग बहादुर नगर) में वाइसरॉय के निवास के लिए नींव रखते हुए, तत्कालीन भारत के सम्राटजार्ज पंचम तथा उनकी रानी मैरी  द्वारा घोषणा की गई कि शासन की राजधानी को कोलकाता से दिल्ली में स्थानांतरित किया जाएगा| 15 दिसंबर 1911 को किंगवेज़ कैम्प में अपनी शाही यात्रा के दौरानजार्ज पंचम और रानी मैरी ने 1911 के दिल्ली दरबार पर नई दिल्ली की नींव रखी। नई दिल्ली के बड़े हिस्सों के निर्माण की योजना एड्विन लुटियंस, जिन्होंने पहली बार 1912 में दिल्ली का दौरा किया था तथा हर्बर्ट बेकर ने की थी, दोनों 20 वीं सदी के ब्रिटिश वास्तुकारों के प्रमुख थे।  नई दिल्ली की केंद्रीय धुरी, जो इण्डिया गेट के पूर्व में है, इसे उत्तर-दक्षिण धुरी बनाना था , जिसे एक अंत पर राष्ट्रपति भवन तथा दूसरे अंत पर पहाड़गंज से जोड़ने की योजना थी। परियोजना के प्रारंभिक वर्षों के दौरान, कई पर्यटकों का मानना ​​था कि यह धरती को स्वर्ग से जोड़ने वाला एक द्वार था। आखिरकार, जगह की कमी सम्बन्धी बाधाओं और उत्तर में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक स्थलों की उपस्थिति के कारण, समिति ने दक्षिणी भाग का चयन किया। रायसीना की पहाड़ी के ऊपर एक स्थल , पहले रायसीना गांव, एक मेव गांव को राष्ट्रपति भवन के निर्माण लिए चुना गया, जिसे तब वायसराय हाउस के रूप में जाना जाता था। इस पसंद का कारण यह था कि पहाड़ी सीधे दीनपनाह गढ़ के सामने स्थित थी, जिसे दिल्ली के प्राचीन क्षेत्र इन्द्रप्रस्थ का स्थल भी माना जाता था। इसके बाद, नींव का पत्थर 1911-1912 के दिल्ली दरबार से स्थानांतरित किया गया, जहां कोरोनेशन स्तंभ खड़ा था और सचिवालय के फोरकोर्ट की दीवारों में जड़ा था। राजपथ, जिसे किंग्स वे के नाम से भी जाना जाता हैइंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक फैला हुआ है। सचिवालय भवन, जिसमें से दो विभाग राष्ट्रपति भवन और भारत सरकार के मंत्रालयों और संसद भवन , दोनों बेकर द्वारा डिज़ाइन किए गए हैंसंसद मार्ग पर स्थित हैं और राजपथ के समानांतर चलते हैं।

दक्षिण मेंसफदरजंग के मकबरे तक की भूमि का निर्माण करने के लिए अधिग्रहण किया गया था, जिसे आज लुटियंस का बंगला के क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। रायसीना हिल के चट्टानी तट पर निर्माण शुरू होने से पहले, अगले बीस वर्षों के लिए निर्माण सामग्री और श्रमिकों के परिवहन के लिए, इम्पीरियल दिल्ली रेलवे नामक एक गोलाकार रेलवे लाइन का निर्माण, काउंसिल हाउस (वर्तमान संसद भवन ) के चारों ओर किया गया ।  जब वाइसराय हाउस (वर्तमान राष्ट्रपति भवन), केंद्रीय सचिवालय संसद भवन और अखिल भारतीय युद्ध स्मारक ( इंडिया गेट ) का निर्माण समापन पर था, एक शॉपिंग जिले और एक नया प्लाजाकनॉट प्लेस का निर्माण 1929 में आरंभ हुआ, और 1933 तक समाप्त हुआ। इसका नाम कनॉट के प्रथम राजकुमार प्रिंस आर्थर के नाम पर रखा गया । 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद , नई दिल्ली को सीमित स्वायत्तता प्रदान की गई तथा यहाँ का प्रशासन भारत सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य आयुक्त द्वारा किया गया। 1966 में, दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश में बदल दिया गया, तथा मुख्य आयुक्त को उपराज्यपाल द्वारा बदल दिया गया। संविधान (उनहतरवां संशोधन) अधिनियम, 1991 के अंतर्गत दिल्ली केन्द्रशासित प्रदेश को औपचारिक रूप से दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रूप में बदल दिया गयाप्रदेश में चुनी हुई सरकार को कानून और व्यवस्था के अतिरिक्त व्यापक अधिकार दिए गए, कानून और व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन की गई।
नई दिल्ली का भूगोल - 42.7 कि॰मी2 (16.5 वर्ग मील) के कुल क्षेत्रफल के साथ, नई दिल्ली, दिल्ली महानगर का एक छोटा सा हिस्सा है। चूंकि शहर सिन्धु-गंगा के मैदान पर स्थित है, इसलिए शहर भर की ऊंचाई में अंतर है। नई दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्र कभी अरावली की पहाडियों का हिस्सा थे, आज उन पहाड़ियों का कुछ हिस्सा बचा है, जो की दिल्ली रिज है, जिन्हें दिल्ली के फेफड़ों के नाम से भी जाना जाता है। नई दिल्ली यमुना नदी के बाढ़ के मैदान पर स्थित है। नई दिल्ली, भूकंपीय क्षेत्र- IV के अन्दर आती है, जिसके कारण, इस क्षेत्र की भूकंप की चपेट में आने की सम्भावना बनी रहती है।
नई दिल्ली का जलवायु - नई दिल्ली की जलवायु, गर्म अर्द्ध शुष्क जलवायु ( कोपेन) तथा शुष्क-शीतकालीन आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय जलवायु की सीमा पर है। यहाँ गर्मी और सर्दियों दोनों के तापमान और वर्षा के संदर्भ में उच्च भिन्नता होती है। गर्मियों में तापमान 46 °से. (115 °फ़ै) से लेकर सर्दियों में लगभग 0 °से. (32 °फ़ै) तक होता है। यहाँ की जलवायु, अन्य नम उपोष्णकटिबंधीय जलवायु के शहरों से काफ़ी अलग है। यहाँ धूल की आंधी के साथ लंबी और बहुत गर्म ग्रीष्म ऋतु होती है, अपेक्षाकृत शीत ऋतु, सूखी और धुंध के साथ, हल्की सर्दियो वाली होती है। ग्रीष्मकाल के बीच में होने वाले मानसून के मौसम के साथ, ग्रीष्मकाल शुरुआती अप्रैल से अक्टूबर तक होता है, शीतकाल नवंबर के माह से शुरू होता है तथा जनवरी में सबसे अधिक सर्दी होती है। यहाँ का वार्षिक औसतन तापमान लगभग 25 °से. (77 °फ़ै) है 
नई दिल्ली में पर्यटक स्थल -  नई दिल्ली पर्यटक के लिए बहुत मनमोहक शहर है   यहाँ की स्मारक और किले ज्यादातर अंग्रेजो के समय का बना हुआ है   दिल्ली की कुछ मुख्य पर्यटक स्थल लाल किला, जमा महजिद, पुराना किला, क़ुतुब मीनार, छतरपुर मंदिर (आद्या कात्यायिनी) मंदिर , इण्डिया गेट,  जंतर मंतर, बिरला मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, हुमांयू का मकबरा, कमल मंदिर, कालका मंदिर, इस्कॉन मंदिर, पांच इन्द्रियों का बगीचा (Garden of Five Sense), इंद्रप्रश्त पार्क, सेंट्रल पार्क, सफदरजंग का मकबरा, गुरुद्वारा बंगला शाहिब, हैं   ये सभी पर्यटक स्थल में कुछ न कुछ ख़ास बात है इसलिए यह विश्व विख्यात है  


12 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही उत्तम लेख है भाई

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  2. बहुत सुन्दर जानकारी दी आपने भरत जी | एक सुधार करिये इसमें | राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित करने की घोषणा , वर्ष 2011 में नहीं (शुरुआती पंक्तियाँ देखिये ) वर्ष 1911 में की गई थी और इसे कार्यमूर्त किया गया वर्ष 1931 में | दिल्ली विश्व का सबसे सघन जनसंख्या घनत्व वाला शहर भी और और पूर्वी दिल्ली उसमें भी सबसे अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र |

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    1. धन्यवाद अजय जी, 1911 लिखने की जगह 2011 लिख गया था, आपके मार्गदर्शन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

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  3. अच्छी जानकारी दिल्ली की ... कई बार पड़ोस में रहने के बावजूद पता नहि होता ..
    दिलचस्प है दिल्ली बहुत हाई ...

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