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शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

प्रेम


सही मायने में प्यार क्या है? एक छल अथवा जीवन की कमजोरी को दूर करने का उपाय अथवा दर्द दुःख को मिटाने के लिए दुसरो की छांव में खुद को समर्पित कर देने के तमन्ना  l 
        परन्तु झूठ प्यार को सच मानकर उसके पीछे दीवानगी की तरह दौड़ना भागना अपनी जिंदगी को तबाह करना ही है l जीवन में प्रेम अनिवार्य है और मैंने प्रेम किया है l  मेरा प्रेम अमर है क्योकि में उसे ईश्वर की तरह पूजता हूँ l  सच्चा प्रेम मरता नहीं मिटता नहीं है l  प्यार एक ऐसी चीज़ है जो कल था आज है और हमेशा रहेगा l अगर आपका प्यार सच्चा है तो बस और कुछ नहीं चाहिए आपको क्योकि दुनियाँ की सबसे बड़ी ताक़त आपके पास है l   


23 टिप्‍पणियां:

  1. वाह! वाह! बहुत खूब लिखा है भाई, प्रेम की कल्पना शब्दों मैं जितनी बाया की जाए कम है

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  2. ऐसे ही लिखते रही अच्छा लगता है कविताएं अपने आप में एक प्रेम हैं

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  3. Prem ka diwana kavi..bhut hard..bhut hard..good bhai..

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  4. Prem se badhkar kuchh nahi. Bahut badiya likha..Pratibha chhupaye baithe the... Likhte rho

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  5. बहुत खूब लिखा है

    फुर्सत मिले तो नाचीज की देहलीज पर भी आए
    संजय भास्कर
    https://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  6. जी सर,

    बहुत खूब लिखा है आपने,
    वो कहते है न, कि
    ढाई आखर प्रेम के जो पढ़े सो पंडित होए।

    💐💐💐💐💐💐

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